
• उदंती टाइगर रिजर्व में वन विभाग पर संगीन आरोप; ओडिशा के 76 वर्षीय बुजुर्ग को बंधक बनाकर रातभर पीटने का दावा, बोडेन थाने में FIR दर्ज।
•बाघ शिकार के संदेह में सीमा पार कर पहुंची थी टीम, सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश।
गरियाबंद/मैनपुर: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित उदंती टाइगर रिजर्व (UTR) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। वन्यजीव शिकार और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहे वन विभाग पर इस बार एक 76 वर्षीय बुजुर्ग के साथ बर्बरता और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगे हैं। घटना के बाद से सीमावर्ती इलाकों में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
मवेशी चराते समय उठाने का आरोप: मिली जानकारी के अनुसार, घटना 10 मई 2026 की है। बाघ की खाल की तस्करी और अवैध शिकार के संदेह में उदंती टाइगर रिजर्व की टीम दो गाड़ियों में सवार होकर पड़ोसी राज्य ओडिशा की सीमा में दाखिल हुई। वहां मवेशी चरा रहे एक 76 वर्षीय बुजुर्ग को वन विभाग की टीम अपने साथ छत्तीसगढ़ के मैनपुर ले आई।
परिजनों ने लगाया बर्बरता का आरोप, निर्वस्त्र कर पीटा:
बुजुर्ग के परिजनों का आरोप है कि उसने बार-बार खुद को बेकसूर और गरीब चरवाहा बताया, लेकिन वनकर्मियों ने एक न सुनी। आरोप है कि पांच वनकर्मियों ने बुजुर्ग को बंधक बनाकर रातभर प्रताड़ित किया और निर्वस्त्र कर बेरहमी से मारपीट की। बुजुर्ग के समय पर घर न लौटने पर परिजनों ने जब तलाश शुरू की, तो एक सीसीटीवी फुटेज में वन विभाग की गाड़ियां दिखाई दीं। इसके बाद परिजन मैनपुर पहुंचे, जहां बुजुर्ग को उनके सुपुर्द किया गया।
ओडिशा में मामला दर्ज, अफसरों ने साधी चुप्पी: पीड़ित परिवार ने इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ ओडिशा के बोडेन थाने में वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई है। इस पूरे मामले में वन विभाग का रुख संदेहास्पद बना हुआ है। मामले की जानकारी के लिए जब विभाग के एसडीओ (SDO) और रेंजर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए दोषी कर्मचारियों पर तत्काल निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।












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