
सरनाबहाल शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर ‘बम-बम भोले’ से गूंजा अंचल।
•हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, तड़के सुबह से लगी रहीं लंबी कतारें।
•विशेष श्रृंगार और महाआरती के साथ भंडारे का हुआ आयोजन।
न्यूज़ रिलीज़/ ओमप्रकाश यादव/गरियाबंद/ पवित्र सावन मास के चौथे और अंतिम सोमवार को गरियाबंद-मैनपुर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल सरनाबहाल शिव मंदिर में भक्ति का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सावन के आखिरी सोमवार और विशेष धार्मिक संयोग के कारण तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरा अंचल दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
तड़के 4 बजे खुले कपाट, लगीं लंबी कतारें
भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था। सुबह ठीक चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही कांवरियों और स्थानीय भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार किया। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।कांवरियों का आकर्षण और महाआरती
इस अवसर पर विभिन्न पवित्र नदी-घाटों से जल लेकर पहुंचे कांवरियों के जत्थों ने पूरे माहौल को शिवमय बना दिया। मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा सुबह बाबा भोलेनाथ का मनमोहक विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद दोपहर और संध्या समय आयोजित महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन
सावन के अंतिम सोमवार को यादगार बनाने के लिए मंदिर समिति द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए थे। दर्शनार्थियों के लिए महाप्रसाद (भंडारा) की विशेष व्यवस्था की गई, जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति के सदस्य दिनभर सक्रिय रहे।












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