जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे वनांचल के बच्चे, युवा सरपंच यशवंत मरकाम ने दी आंदोलन की चेतावनी।

न्यूज पढ़ें और दोस्तों के साथ शेयर करें

जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे वनांचल के बच्चे, युवा सरपंच यशवंत मरकाम ने दी आंदोलन की चेतावनी।


मैनपुर / गरियाबंद (विशेष प्रतिनिधि):मैनपुर विकासखंड के दुरुस्त वनांचल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। ग्राम पंचायत डुमाघाट के युवा आदिवासी सरपंच यशवंत मरकाम ने जब काण्डसर मिडिल स्कूल का औचक निरीक्षण किया, तो वहाँ की व्यवस्थाओं को देखकर वे दंग रह गए। स्कूल की जर्जर हालत और शिक्षकों की भारी कमी को लेकर अब ग्रामीणों, पालकों और जनप्रतिनिधियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।

पंचायत भवन में चल रहा है स्कूल निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि प्राथमिक शाला डुमाघाट का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि वह बैठने लायक ही नहीं बचा है, जिसके चलते मजबूरी में बच्चों की कक्षाएं पंचायत भवन में चलानी पड़ रही हैं। वहीं, काण्डसर मिडिल स्कूल की स्थिति भी दयनीय है, जहाँ लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।

शिक्षा विभाग की अनदेखी से ग्रामीणों में गुस्सा
सरपंच यशवंत मरकाम ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय मैनपुर में लिखित आवेदन और अधिकारियों को पूरी जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सरपंच ने आरोप लगाया कि वनांचल क्षेत्र होने के कारण इस इलाके के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। यहाँ न तो मूल भूत सुविधाएं हैं, और न ही पर्याप्त शिक्षक। यहाँ तक कि फरसरा मा, शाला के एक शिक्षक को आदेशित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस फरसरा भेज दिया गया। इसी तरह प्राथमिक शाला के एक शिक्षक का प्रमोशन होने के बाद स्थिति और भी लाचार हो गई है। प्रधानपाठक द्वारा उच्च अधिकारियों को लिखित में अवगत कराने के बाद भी अब तक कोई वैकल्पिक शिक्षक व्यवस्था नहीं की गई है।

  • ताला बंद आंदोलन की चेतावनी
  • शिक्षा विभाग की इस उदासीनता से तंग आकर अब गाँव के लोगों, पालकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति और स्कूल भवन की मरम्मत नहीं की जाती है, तो स्कूल में ताला लगाकार उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और शिक्षा विभाग की होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *