23 वर्षों से आस्था का केंद्र बना महाकाल कावरिया संघ, अंतिम सोमवार पर भक्ति में लीन हुआ ।

न्यूज पढ़ें और दोस्तों के साथ शेयर करें

23 वर्षों से आस्था का केंद्र बना महाकाल कावरिया संघ, अंतिम सोमवार पर भक्ति में लीन हुआ ।

गरियाबंद। जिले के ग्राम कोदोभाठा में ‘महाकाल कावरिया संघ’ द्वारा विगत 23 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही भव्य कांवड़ यात्रा एवं सेवा कार्य इस वर्ष भी आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। वर्ष 2003 में शुरू हुई यह धार्मिक परंपरा वर्ष 2026 में अपने 23वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है, जिसने पूरे अंचल को शिवमय कर दिया है।

सावन के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “हर-हर महादेव” और “जय महाकाल” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कांवड़ियों ने पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और क्षेत्र की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।संघ के संस्थापक संयोजक तूफान बघेल ने बताया कि 2003 में छोटे रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज क्षेत्र की प्रमुख पहचान बन चुकी है। इस सफल आयोजन में गजानन बघेल, टनकधर, रिखी राम, इन्दर, सुबल, डमरुधर, मंटू नायक, टूमन नायक, रघु राम, तरुण, छोटू, पालन नायक, प्रमोद, गौरी, पवित्र, ईश्वर, हेमकुमार, भानूप्रताप, दीपक, गुलशन, हिलेश, विकास, दुर्बल, परमेश्वर, हीरो, सुदर्शन, रौनक, खिलावान, रोशन, तेजू सहित संघ के सभी सदस्यों का सराहनीय और सक्रिय योगदान रहा।

अंतिम सोमवार के अवसर पर जगह-जगह भंडारे और महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने भाग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *