
जंगल में मोर नाचा किसने देखा अज्ञात महिला फर्जी एफआईआर और व्यक्ति विशेष के द्वारा यौन शोषण का दुष्प्रचार कमल कोमल और खैरागढ़ हेमंत वर्मा विशेष खोज पढताल।
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ |खैरागढ़ क्षेत्र के दो बार के विधायक एक बार के संसदीय सचिव यानी नव नियुक्त जिले में सत्ता पक्ष के सर्वाधिक ताकतवर शख्स जी हां हम बात कर रहे हैं कोमल जंघेल की यह सर्व विदित है कि पूरे केसीजी जिले में कोमल जंघेल जितनी लोकप्रियता भाजपा में वर्तमान में कोई नेता दिखाई नहीं दे रहा है दूसरी ओर कोमल जंघेल के बारे में अगर बात किया जाए तो वह ऐसे शख्स है जो पहले बीजेपी के विधायक इस क्षेत्र में हुए हैं क्योंकि इस क्षेत्र में आजादी के बाद से लेकर लंबे समय तक रॉयल फैमिली यानी स्वर्गीय देवव्रत सिंह के परिवार ने ही इस क्षेत्र में राज किया है लेकिन कहते हैं राजनीति में कोई किसी का परमानेंट शत्रु या परमानेंट मित्र नहीं होता ठीक ऐसा ही मामला आया है पूर्व संसदीय सचिव को लेकर उन्हें एक ऐसे प्रकरण से जोड़कर दिखाया जा रहा है जो कभी संभव ही नहीं है बिल्कुल काल्पनिक फिल्मों की तरह यह घटना लग रही है लेकिन कुछ लोग चटखारे लेकर सोशल साइट पर या यहां तक कुछ अखबार भी अब इस पर कूद पड़े हैं दरअसल छुईखदान थाना में एक अज्ञात महिला द्वारा कोमल जंघेल के खिलाफ धारा 77 79 जिसका अर्थ है अनाधिकृत तरीके से वीडियो ग्राफी करना इसी तरह धारा 351 दो जो कि सामान्य धमकी है जो पुलिस किसी पर भी कभी भी लगा सकती है तीसरी धारा है 66 यानी कि आईटी एक्ट जो की सूचना प्रौद्योगिकी की तहत एक मामला बनता है तीनों ही अवेलेबल धारा है सामान्य धारा हैं और इस मामले में पूर्व में पूर्व संसदीय सचिव कोमल जंघेल की जमानत भी हो चुकी है और यह मामला जनवरी का बताया जा रहा है और यह मामला 2 फरवरी को रजिस्टर्ड किया गया था लेकिन उसी दिन कोमल जंघेल को जमानत मिल गई थी अब इसमें बेहद आश्चर्य की बात यह है कि बिल्कुल सामान्य धमकी या वीडियोग्राफी या सूचना प्रौद्योगिकी जैसे मामले को लेकर जिस महिला ने आरोप लगाया है उन्होंने बाकायदा अपनी गोपनीयता बरकरार रखने का अलग से आवेदन पुलिस थाने में दिया है यह बेहद आश्चर्य की बात है कि जब आपके साथ ऐसी कोई घटनाएं भी नहीं घटी योन शोषण जैसी दुष्कर्म जैसी कोई बात भी नहीं है यौन दुराचार जैसी कोई बात भी नहीं है तो भी वह अपने नाम को गोपनीय रखना चाहती है इसका मतलब यह पूरा-पूरा एक षड्यंत्र है जिसमें उक्त महिला किसी राजनीतिक व्यक्ति विशेष से मिलकर कोमल जंघेल की छवि को धुमिल करने का कुतप्रयास कर रहे हैं दूसरी ओर मामला छुईखदान थाने में दर्ज हुआ है लेकिन दूसरे दिन खैरागढ़ के एक अखबार ने प्रमुखता से यह समाचार प्रकाशित किया कि पूर्व संसदीय सचिव के ऊपर योन शोषण का आरोप लगाया गया है अब इस मुद्दे पर आते हैं दरअसल खैरागढ़ के ही एक प्रभावशाली नेता उस अखबार के एजेंसी के अप्रत्यक्ष तौर पर मालिक है और उन पर यह आरोप है कि जब-जब कोमल जंघेल चुनाव लड़े है तब तब उन्होंने खुलकर भीतरघात किया है यानी कि जिस तरीके से डोगर गांव के एक विभीषण है जयचंद है वैसे ही खैरागढ़ का यह सबसे बड़ा विभीषण है हालांकि वह छत्तीसगढ़ के प्रभावशाली परिवार से संबंध रखता है यही कारण है कि उसपर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है दूसरी ओर बेहद करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त महिला खैरागढ़ में सीमेंट फैक्ट्री के आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही थी इसी दरमियान पूर्व संसदीय सचिव के द्वारा उक्त महिला को पार्टी गाइडलाइन के विपरीत ना जाने की सलाह दिया था जिसे नाराज होकर उन्होंने अलग-अलग आरोप लगाकर छुईखदान थाने में दर्ज कराया है हालांकि आरोप में दम नजर नहीं आ रहा है दूसरी ओर कुछ अखबार और सोशल साइट लगातार शोषण एवं यौन शोषण बोलकर व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं वही इस मामले में हमारे संवाददाता हेमंत वर्मा ने जब कोमल जंघेल से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें खुद बड़ा आश्चर्य लग रहा है उन्हें ऐसी कोई घटना की जानकारी नहीं है उनकी साफ सुथरी छवि को खराब करने की कोशिश प्रयास किया जा रहा है मामला दर्ज भी है तो वह साधारण धमकी और सुचना प्रौद्योगिकी के तहत है लेकिन यौन शोषण जैसी बातें फैलाकर निश्चित रूप से उनकी बनी बनाई छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है उन्होंने कहा कि जिस अखबारों ने या सोशल साइट ने शोषण जैसी बातें फैलाकर बेवजह झुठे आरोप उन पर लगाए हैं कानूनी कार्रवाई करेंगे फिलहाल एक कहावत है हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े-लिखे को फारसी क्या निश्चित रूप से कोमल जंघेल का कद सामान्य नेताओं से कहीं अधिक है यही कारण है कि उन्हें कहीं ना कहीं किसी न किसी माध्यम से फंसाने का प्रयास लगातार किया जाता रहा है हालांकि उनके विरोधियों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सके क्योंकि कोमल जंघेल एक तरीके से खैरागढ़ नवनिर्मित जिले के जननायक है और जननायक को जनता का पूरा-पूरा समर्थन रहता है हेमंत वर्मा की कलम से











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