घुमरापदर में पारंपरिक रीति-रिवाज से मनाया गया दशहरा: माँ सुखलिभटियानी की आस्था में हुई भव्य तलवारबाजी।

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घुमरापदर में पारंपरिक रीति-रिवाज से मनाया गया दशहरा: माँ सुखलिभटियानी की आस्था में हुई भव्य तलवारबाजी।

गरियाबंद|गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्र मैनपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत घुमरापदर में आज दशहरा का पावन पर्व पारंपरिक रीति-रिवाज, हर्षोल्लास और अगाध श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया गया।

वनांचल क्षेत्र के इस ग्रामीण अंचल में दशहरे के अवसर पर सदियों पुरानी लोक परंपराओं और संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली।

क्षेत्र की प्रसिद्ध और सर्वमान्य आराध्य देवी माँ सुखलिभटियानी के प्रति ग्रामीणों में गहरी आस्था है। इसी आस्था और परंपरा के तहत विजयादशमी के इस पावन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान माता रानी की विशेष आराधना करते हुए पारंपरिक ‘देव जोवारा’ का अनुष्ठान संपन्न किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। माता के जयकारों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।

दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण माँ सुखलियानभाटियानी देवी की परंपरा के अंतर्गत होने वाला भव्य तलवारबाजी का प्रदर्शन रहा। लोक मान्यता और परंपरा के अनुसार, माता की भक्ति में लीन होकर युवाओं और जानकारों ने हैरतअंगेज तलवारबाजी के जौहर दिखाए। इस पारंपरिक अस्त्र प्रदर्शन को देखने के लिए उपरपारा भारी भीड़ देखने को मिला एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया। इस भंडारे में ग्राम पंचायत घुमरापदर के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता का प्रसाद ग्रहण किया।

ग्राम पंचायत घुमरापदर के जनमानस ने माता रानी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना की। वनांचल क्षेत्र में इस तरह पारंपरिक स्वरूप में मनाए गए दशहरा पर्व ने एक बार फिर  लोक संस्कृति और अगाध आस्था को जीवंत कर दिया है।

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