
यह जानकर बहुत खुशी हुई! कमला मरकाम को उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई।
गरियाबंद|गरियाबंद जिले स्वामी आत्मानंद स्कूल, झाकरपारा जैसे संस्थानों से (कक्षा 10 वीं)जब विद्यार्थी 92% जैसे उत्कृष्ट अंक लाते हैं, तो यह न केवल उनकी मेहनत बल्कि उनके शिक्षकों और अभिभावकों के मार्गदर्शन को भी दर्शाता है।
यहाँ कुछ खास बातें हैं जो इस सफलता को और भी गौरवशाली बनाती हैं:
प्रेरणादायक पृष्ठभूमि: उनके पिता, श्री खीरेंद्र मरकाम जी, स्वयं एक शिक्षक हैं। एक शिक्षक की पुत्री का शिक्षा के क्षेत्र में इतना ऊंचा मुकाम हासिल करना समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों का बढ़ता स्तर: यह सफलता दिखाती है कि छत्तीसगढ़ सरकार की स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों की प्रतिभा को निखारने में कितनी कारगर साबित हो रही है।
भविष्य की राह: 92% अंक लाना इस बात का प्रमाण है कि कमला का आधार (Foundation) बहुत मजबूत है। वे आगे चलकर नीट (NEET), जेईई (JEE) या प्रशासनिक सेवाओं जैसे किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता रखती हैं।
आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी प्रतिभा की, जिसने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन नहीं है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है झाकरपारा के स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्रा कमला मरकाम ने। कमला ने अपनी बोर्ड परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।
आपको बता दें कि कमला के पिता, श्री खीरेंद्र मरकाम जी, जो स्वयं एक शिक्षक हैं, उनके मार्गदर्शन और कमला की कड़ी मेहनत ने इस सफलता की इबारत लिखी है। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद, कमला ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत मिल रही शिक्षा और शिक्षकों के सहयोग ने भी इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
कमला की इस शानदार जीत पर आज उनके घर और स्कूल में जश्न का माहौल है। न्यूज़ रिलीज़ की पूरी टीम की ओर से कमला मरकाम और उनके परिवार को बहुत-बहुत बधाई। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।












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