11 सूत्रीय माँगो को लेकर मोदी की गारंटी लागू कराने अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन  ने इंकलाबी नारो के साथ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

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11 सूत्रीय माँगो को लेकर मोदी की गारंटी लागू कराने अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन  ने इंकलाबी नारो के साथ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।


मैनपुर |छत्‍तीसगढ़ में सभी शासकीय सेवकों द्वारा आज मुख्यमंत्री/ मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन देकर इंकलाबी नारे लगाकर अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन किया गया। छत्‍तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इसका आह्वान किया है। यह प्रदर्शन ब्‍लॉक से लेकर जिला स्‍तर पूरे प्रदेश भर में आयोजित हुआ ।

इसमें लाखों की संख्‍या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के ब्लॉक संयोजक मुकेश साहू समेत अन्‍य  कर्मचारी नेताओं ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री शासन के नाम से मोदी की गारंटी लागू करने के लिए एसडीएम कार्यालय मैनपुर में भोजन अवकाश के दौरान 11 सूत्रीय मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया, मीडिया से  चर्चा करते हुए श्री मुकेश साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, नर्सिंग ऑफिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तथा सभी विभागों के लिपिक, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी संगठन के सभी अधिकारी कर्मचारी, सहायक शिक्षक, पंचायत विभाग के अधिकारी कर्मचारी, पटवारी,संविदा कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, एनएचएम के अधिकारी कर्मचारी विगत कई दशकों से पूर्ववर्ती सरकारों के समक्ष धरना प्रदर्शन आंदोलन करते हुए अपनी वेतन विसंगति, संविदा प्रथा को समाप्त करने एवं असुरक्षित भविष्य को लेकर लगातार आंदोलन कर शासन के समक्ष अपनी बातें रख रहे हैं। किंतु दुर्भाग्य की बात है कि इन पर केवल आश्वासन तथा जांच और सिफारिश कमेटियों की घोषणा ही की गई है। यहां तक की मनोज पिंगुआ कमेटी की सिफारिश  आने के बाद भी उसे ना ही सार्वजनिक किया गया है और ना ही लागू किया जा रहा है। जिससे प्रदेश की लाखों अधिकारी कर्मचारियों में घोर असंतोष निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है। इन सभी समस्याओं की निराकरण हेतु वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा चुनाव में मोदी की गारंटी के नाम से चुनावी घोषणा पत्र लागू किया गया जिसमें यह विश्वास दिलाया गया था कि यह भीष्म प्रतिज्ञा की तरह अटल है। किंतु मोदी की गारंटी लागू होने की बात तारीख दर तारीख टलती ही जा रही है। इससे मजबूर होकर कई कर्मचारी संगठन अपनी मांगों के लिए अदालत के  दरवाजा भी खटखटा रहे है। जो कि किसी भी सरकार के द्वारा चुनाव में दिए गए आश्वासन घोषणाओं के प्रति एक गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ी करती है। सिर्फ कर्मचारी ही नहीं बल्कि उससे जुड़े हुए उनके परिवारों के सदस्य, प्रदेश के लाखों मतदाता यह सोचने पर विवश है कि हम किस भरोसे किसी राजनीतिक दल का चुनाव करे। उन्होंने प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायजी से विनम्र निवेदन करते हुए कहा है कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के नाम पर दी गई “मोदी की गारंटी”यथा शीघ्र लागू कर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को आपकी सरकार की जनहित हितैषी कार्ययोजनाओ को जन-जन तक पहुंचाने हेतु ऊर्जान्वित करें। प्रदेश में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा लागू करने के प्रति साधुवाद देते हुए इसे ‘ विष्णु के सुशासन ‘ के तौर पर एक सराहनीय कदम भी कदम भी बताया है। और कहां है कि प्रदेश के लाखों कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों के संबंध में आपसे अभी भी  आशान्वित है,उक्त ज्ञापन रैली प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्लॉक संयोजक छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन श्री मुकेश कुमार साहू, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी संघ से डॉ सुमन बागची( होम्योपैथी), स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष श्री  मोहन साहू, राजस्व एवं पटवारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष श्री वीके  मौर्या, श्री रजनीश रामटेके , श्री रामकृष्ण टंडन सीएचओ संघ,श्री दिव्यस्वरूप यदु तहसील कार्यालय मैनपुर, श्रीमती प्रतिभा ध्रुव, श्री बालाराम ध्रुव, श्रीमती देववती साहू, सुश्री गौरी चौहान, श्रीमती टिकेंद्री ध्रुव , श्री चंद्रकांत वर्मा, श्री नरेंद्र बाघ सहित विभिन्न विभागों के आधिकारी कर्मचारीगण एवं  विशेष रूप से एसडीएम कार्यालय प्रतिनिधि उपस्थित थे उने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

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