
महुआ बना ग्रामीण क्षेत्र मे कमाई का सहारा बाजारो में तेजी से हुआ खरीदी-बिक्री ।
गरियाबंद|मैनपुर वनांचल क्षेत्र मे इन दिनों ग्रामीण इलाकों में महुआ बीनना किसानों और वनांचल के लोगों के लिए कमाई का एक प्रमुख जरिया बन गया है। क्षेत्र में महुआ लगभग 40- 45 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जिससे ग्रामीणों को अच्छी आमदनी की उम्मीद है।

सुबह होते ही किसान और उनके परिवार के सदस्य अपने-अपने महुआ के पेड़ों के नीचे पहुंच जाते हैं और महुआ बीनने के काम में जुट जाते हैं। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी मिलकर महुआ इकट्ठा करते हैं। दिनभर मेहनत करने के बाद दोपहर में परिवार महुआ लेकर घर लौटता है और उसे सुखाने की प्रक्रिया शुरू होती है।

ग्रामीणों के अनुसार महुआ को पूरी तरह सूखने में लगभग 24 से 36 घंटा समय लगता है। जब महुआ अच्छी तरह सूख जाता है और उसमें नमी कम हो जाती है, तब उसे बेचने के लिए तैयार किया जाता है। इसके बाद ग्रामीण महुआ को खरीदने वाले व्यापारियों और सेठ-साहूकारों के पास जाकर बेचते हैं।
महुआ की खरीदी-बिक्री से इन दिनों बाजारों में भी रौनक देखने को मिल रही है। धान के सीजन के बाद ग्रामीणों के लिए महुआ एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन जाता है। महुआ बीनने वाले ग्रामीण भी खुश हैं और खरीददार व्यापारी भी इस मौसम में अच्छा व्यापार कर रहे हैं।











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