होली की रंगत में काव्य का संगम: डोंगरगांव में 33वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 3 मार्च को पवन जैन प्रेमी के संयोजन में शानदार आयोजन।

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होली की रंगत में काव्य का संगम: डोंगरगांव में 33वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 3 मार्च को पवन जैन प्रेमी के संयोजन में शानदार आयोजन।


हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव |डोंगरगांव। होली महोत्सव की उमंग के बीच नगर एक बार फिर साहित्यिक सुरों से गूंजने को तैयार है। 3 मार्च 2026, मंगलवार की रात्रि 8 बजे से शिव मंदिर, बाजार चौक में 33वें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। तीन दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा इस वर्ष भी हास्य, ओज, श्रृंगार और गीत-ग़ज़ल की विविध रंगतों के साथ सजेगी।
देश के विभिन्न शहरों से आमंत्रित कवि मंच साझा करेंगे। कार्यक्रम में नवाब केशर (गीत-ग़ज़ल, गाजियाबाद), सुश्री विभा शुक्ला (श्रृंगार, वाराणसी), पुनीत पंचाल (ओज, फरीदाबाद), महेंद्र मधुर (हास्य-व्यंग्य, उज्जैन), कामता माखन (हास्य-व्यंग्य, रीवा), सुश्री पावनी कुमारी (ओज, धनबाद) और उत्कर्ष उत्तम (हास्य-व्यंग्य, रायबरेली) अपनी रचनाओं से श्रोताओं को काव्य-रस में सराबोर करेंगे।
कवि सम्मेलन में गीतों की मधुरता, ओज की तेजस्विता, श्रृंगार की कोमलता और हास्य-व्यंग्य की चुटीली प्रस्तुति एक साथ देखने को मिलेगी। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य होली के उल्लास को साहित्यिक आयाम देना और नगर की सांस्कृतिक विरासत को निरंतर बनाए रखना है।
आयोजन से जुड़े पवन जैन प्रेमी ने बताया कि यह कवि सम्मेलन वर्षों से डोंगरगांव की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। नई पीढ़ी को कविता और मंचीय साहित्य से जोड़ने के लिए यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आयोजन समिति ने नगरवासियों से सपरिवार उपस्थित होकर इस साहित्यिक संध्या को सफल बनाने की अपील की है।
समय: 3 मार्च 2026, रात्रि 8 बजे
स्थान: शिव मंदिर, बाजार चौक, डोंगरगांव
होली के रंगों के बीच काव्य की यह महफ़िल एक बार फिर डोंगरगांव को शब्दों और भावों से सराबोर करने को तैयार है।

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