
राजधानी रायपुर के जितने भी तमाम बड़े मल्टीप्लेक्स हॉस्पिटल है वहां पर खुले आम दिनदहाड़े डकैतों की भांति डकैत किया जाता है।
हेमंत वर्मा संवाददाता – रायपुर|छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है मृतक के पुत्र राजकुमार
ने बताया कि उनके पिता रामचरण वर्मा को पेट दर्द की शिकायत थी उन्होंने अस्पताल में भर्ती कराया इस दौरान उनके तीन बार ऑपरेशन किया गया उसके बावजूद भी उसकी प्राण नहीं बचाई जा सकी इसके बावजूद उनसे इलाज के नाम पर 25 लख रुपए की अवैध वसूली किया गया उन्होंने शासन प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग किया है प्रदेश के हॉस्पिटल बने लूट का अड्डा
आलम यह है कि आप गरीब हो या अमीर आपको जितना पैसा मांगा जाएगा आपको देना पड़ेगा मरता क्या नहीं करता की तर्ज पर मरीज के परिजन इस आस में पैसा देते जाते हैं देते जाते हैं कि उनकी परिजनों की जान बच जाए लेकिन अंततः पैसा लेने के बाद अस्पताल प्रबंधन हाथ खड़े कर देते हैं और इस तरह दूध भी चला जाता है और दुहना भी चला जाता है और मजेदार बात यह है कि अस्पताल की शक्ल में साक्षात यमराज को बैठा ले रहे हैं हासपीटल हॉस्पिटलों पर भी शासन प्रशासन कुछ नहीं कर पाती यह तो राजधानी की बात हो गई छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लगभग निजी अस्पताल में यही कहानी है हाल ही में राजनांदगांव के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और वह हॉस्पिटल लगातार विवाद में रहा है इसके बावजूद भी पता नहीं कैसे सरकार उन्हें अस्पताल चलाने की अनुमति दे देते हैं यह भी सोचने वाली बात है राजधानी रायपुर में 20 25 लाख की लूट आम बात हो गई है वहीं राजनांदगांव जैसे छोटे शहरों में भी हॉस्पिटल एक लाख से लेकर 5 लाख तक लूट रहे हैं अवैध वसूली कर रहे हैं इसके बावजूद भी लोगों के प्राण नहीं बच पा रहे हैं आखिर अस्पताल की आड़ में एजेंट जैसे काम करने वाले हॉस्पिटलों पर कारवाई कब होगी बड़ा सवाल लेकिन फिलहाल किसी के पास जवाब नहीं हेमंत वर्मा की कलम से












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