प्रशासन की मेहरबानी से खनन कंपनी का कब्ज़ा,छितापंडरिया में निजी ज़मीन हड़पकर गुरु श्री मिनरल्स ने बना डाली अवैध सड़क।

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प्रशासन की मेहरबानी से खनन कंपनी का कब्ज़ा,छितापंडरिया में निजी ज़मीन हड़पकर गुरु श्री मिनरल्स ने बना डाली अवैध सड़क।

सक्ती| सक्ती जिले में खनन माफिया और प्रशासन की मिलीभगत की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। बाराद्वार तहसील के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाइट खनन की आड़ में निजी ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा कर अवैध सड़क निर्माण किया गया — और यह सब प्रशासन की नाक के नीचे वर्षों तक चलता रहा।

मामला मेसर्स गुरु श्री मिनरल्स से जुड़ा है, जो लंबे समय से क्षेत्र में खनन कार्य कर रही है। ग्रामीण रघुवीर सिंह की शिकायत के बाद जब राजस्व विभाग को मजबूरन जांच करनी पड़ी, तो ऐसी सच्चाई सामने आई जिसने पूरे प्रशासनिक सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया।

25 अप्रैल 2025 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्ती के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक और पटवारी द्वारा की गई संयुक्त जांच में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि खसरा नंबर 5/9, 5/10 और 5/11 पूरी तरह से रघुवीर सिंह की निजी भूमि है। इसके बावजूद खनन कंपनी ने इन्हीं खसरों पर करीब 440 मीटर लंबी सड़क बना डाली, जिसका इस्तेमाल रोज़ाना 12 से 15 घंटे तक भारी खनिज वाहनों द्वारा किया जाता रहा।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच के दौरान कंपनी प्रबंधन इस सड़क के निर्माण से संबंधित कोई वैध अनुमति, अधिग्रहण आदेश या सहमति पत्र पेश नहीं कर सका।


सवाल साफ़ है— कि बिना कागज़ात सड़क बनी कैसे..? और खनिज परिवहन किसके संरक्षण में चलता रहा..? जांच रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि बाराद्वार–छितापंडरिया सीमा से लगभग 420 मीटर के बाद निजी भूमि शुरू होती है, और विवादित सड़क उसी निजी दायरे में स्थित पाई गई। यानी अवैध कब्ज़ा पूरी तरह प्रमाणित है फिर भी आज तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं। सबसे बड़ा और निर्णायक सवाल यही है—


जब जांच में अवैध कब्ज़ा साबित हो चुका है, तो गुरु श्री मिनरल्स पर कार्रवाई क्यों नहीं..? बल्कि प्रशासन में बैठे अधिकारी ने रघुवीर सिंह सिसोदिया की निजी भूमि पर सड़क को यथावत बनाए रखने आदेश जारी कर सड़क को और बेहतर बनाने छूट दे दी गुरूश्री मिनरल्स कंपनी को निजी भूमि पर सड़क बनाने छूट मिलते ही मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर सड़क निर्माण में सहयोग करते नजर आए, वही इस पूरे मामले में निजी भूमि स्वामी का आरोप है कि प्रशासन गुरूश्री मिनरल्स के साथ मिलकर उनकी निजी भूमि पर कब्जा कर रहे है। और गुरूश्री मिनरल्स को अवैध सड़क बनाने सहयोग कर रहे है। वही इस मामले में जल्द और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो यह साफ़ संदेश जाएगा कि सक्ती में खनन माफिया कानून से ऊपर है, और प्रशासन उसकी ढाल बनकर खड़ा है..?

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