
गरियाबंद जिले के शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर का सात दिवसीय NSS शिविर संपन्न,“नशामुक्त समाज के लिए युवा” विषय पर चला विशेष अभियान।
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत डुमाघाट में शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर की राष्ट्रीय सेवा योजना (रा.से.यो.) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन 04 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह शिविर 29 जनवरी 2026 से 04 फरवरी 2026 तक ग्राम डुमाघाट,तहसील अमलीपदर, जिला गरियाबंद में आयोजित किया गया।


समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत डुमाघाट के सरपंच श्री यशवंत मरकाम उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर के प्राचार्य डॉ. टी.एस. सोनवानी ने की। वहीं विशेष अध्यक्षता शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुमाघाट के श्री सतीश कुमार यादव द्वारा की गई।
कार्यक्रम में NSS इकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्री सनत कुमार बघेल सहित महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य डॉ. रेवचंद दंता, पंकज कुमार तिवारी, देवदत, मोहनिस बघेल, संगीता साहू, यशिका नामदेव, दिना नाथ उपस्थित रहे। शिविर में NSS वालेंटियर विष्णुचरण सोना एवं लोकेश कुमार नायक की विशेष भूमिका रही।
इसके अतिरिक्त अतिथि के रूप में श्री खितज़ी सोनवानी एवं श्री बालकृष्ण दुर्गा भी उपस्थित रहे।
NSS के प्रमुख उद्देश्य और लक्ष्य- सामुदायिक जुड़ाव: समुदाय की आवश्यकताओं और समस्याओं को पहचानना और उनके समाधान के लिए काम करना।
व्यक्तित्व विकास: सामुदायिक सेवा के माध्यम से स्वयंसेवकों में नेतृत्व, आत्मविश्वास, और सामाजिक-नागरिक जिम्मेदारी विकसित करना।
सामाजिक चेतना: शिक्षित युवाओं और ग्रामीण/वंचित समुदायों के बीच एक सेतु बनाना, जिससे वे वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझें।
कौशल विकास: आपदा प्रबंधन, आपात स्थितियों, और सामुदायिक भागीदारी को संगठित करने में कौशल हासिल करना।
राष्ट्रीय एकता: विभिन्न पृष्ठभूमि के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।
व्यावहारिक ज्ञान: किताबी ज्ञान का उपयोग सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने में करना।
संक्षेप में, NSS का उद्देश्य युवाओं को एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना है जो समाज के विकास में योगदान दें।
नशामुक्त समाज निर्माण का लिया गया संकल्प – शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं के माध्यम से नशामुक्त समाज का निर्माण, सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुरक्षा एवं नैतिक मूल्यों के विकास को बढ़ावा देना रहा। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा ग्राम सर्वेक्षण, श्रमदान, स्वच्छता अभियान, योग अभ्यास, प्रभात फेरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विविध विषयों पर बौद्धिक परिचर्चा- शिविर के दौरान नशे के दुष्प्रभाव, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियम, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, स्वास्थ्य परीक्षण एवं शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण जैसे विषयों पर बौद्धिक सत्र आयोजित हुए।
शिविर के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः योग शिविर एवं प्रभात फेरी, पूर्वाह्न श्रमदान, अपराह्न बौद्धिक परिचर्चा, सायंकाल देशी खेलकूद तथा रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समापन में दिया गया प्रेरणादायी संदेश- समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री यशवंत मरकाम ने स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को समाज में नशा मुक्ति एवं जागरूकता फैलाने के लिए सतत प्रयास करना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. टी.एस. सोनवानी ने कहा कि एनएसएस शिविर छात्रों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों को सहभागिता हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।
यह जानकारी कार्यक्रम अधिकारी श्री सनत कुमार, सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री फाल्गुन सिंह नागेश एवं प्राचार्य डॉ. टी.एस. सोनवानी द्वारा दी गई।













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