
गरियाबंद पुलिस द्वारा ‘‘रजत जंयती’’ के षष्टम दिवस के अवसर पर टोनही प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के संबंध में थाना स्तर पर हाट-बजार एवं स्कूल/कॉलेजों में जागरूता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गरियाबंद रजत जयंत समारोह 2025-26 के अवसर पर जिला गरियाबंद पुलिस द्वारा थाना क्षेत्रों में टोनही प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के संबंध में स्कूल/कॉलेज एवं हाट बजार में जन जागरूता का आयोजन किया गया है।
समाज में व्याप्त अंधविश्वास और टोहनी प्रताड़ना जैसी कुरीतियों के विरुद्ध एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को अंधविश्वास के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और ’छत्तीसगढ़ टोहनी प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005’ के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था। साथ ही दहेज रूपी कुप्रथा को केवल कानून से नही बल्कि सामाजिक जागरूकता और युवाओं के संकल्प से ही समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान संदेश दिया गया कि बेटियों को दहेज के बजाय शिक्षा और स्वावलंबन का उपहार दें। बच्चिओं का कम उम्र में विवाह से मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीर बुरा प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान समझाईस दिया गया कि “बेटियों के हाथ में किताब दें, न कि गृहस्थी का बोझ। इसी क्रम में घरेलू हिंसा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों का विवरण और संसाधन संबंधी जानकारी दी गई है। इन अभियानों को राज्यों, जनजातीय राष्ट्रों और क्षेत्रों में समुदायों में वर्षों तक उपयोग और अनुकूलित करने के लिए तैयार किया गया है। इनमें से कई अभियान सूचना को शीघ्रता और व्यापक रूप से प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। अभियान किसी भी स्वरूप में हो, ये अभियान दुर्व्यवहार को समाप्त करने के संबंध में जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।














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