गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत धनोरा में मजदूरी राशि का बड़बड़ी,हितग्राही ने लगाया गंभीर आरोप सहायक सचिव एवं आवास मित्र के ऊपर।

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•गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत धनोरा में मजदूरी राशि का बड़बड़ी,हितग्राही ने लगाया गंभीर आरोप सहायक सचिव एवं आवास मित्र के ऊपर।


•प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता पर उठे सवाल, लगभग 95 से अधिक हितग्राही ठगे का आरोप है — कारवाही नहीं होगा तो होगा चक्काजाम ।





गरियाबंद / विकास खंड मैनपुर के ग्राम पंचायत धनोरा से ग्रामीणों का आरोप है एक बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मजदूरों के भुगतान में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। पंचायत के रोजगार सहायक सचिव और आवास मित्र पर लगभग 95 से अधिक हितग्राहियों की मजदूरी राशि हड़पने का आरोप है।


• कैसे हुआ खुलासा?

सूत्रों के अनुसार, जब कुछ हितग्राहियों ने अपने आवास निर्माण से जुड़ी जानकारी मनरेगा पोर्टल पर जांचनी शुरू की, तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पोर्टल पर जिन लोगों को मजदूर भुगतान दर्शाया गया था, वे-वे मजदूर नहीं थे जिन्होंने वास्तव में कार्य किया था।
वास्तविक मजदूरों के नामों की जगह, अधिकारियों ने अपने परिचितों या अन्य फर्जी नामों का उपयोग



•चार माह से मजदूरी के इंतजार में हितग्राही

पीड़ित हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें पिछले चार महीनों से न तो भुगतान मिला है और न ही किसी अधिकारी ने इस विषय में कोई स्पष्ट जवाब दिया है। पंचायत स्तर पर शिकायत करने के बाद भी शासन – प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।



• हितग्राही बोले — “हमारे हक़ पर डाका डाला गया है!”

पीड़ित मजदूरों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि गरीब मजदूरों की मेहनत की खुली लूट है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जांच प्रारंभ नहीं की गई, तो वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और NH 130 पर चक्काजाम करेंगे।


• शिकायतें पहुँच गईं ऊँचे स्तर तक

हितग्राहियों ने इस घोटाले की लिखित शिकायत जनपद सीईओ, जिला कलेक्टर, एसपी, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री तक भेजी है। फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।


•जांच की मांग तेज

ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन को तत्काल जांच समिति गठित करनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाही हो।



• प्रमुख प्रभावित हितग्राही —

अतवल सोरी पिता मनबोध,भजनलाल यादव पिता रामसिंह,सुरेश नागेश पिता जुगेराम, संनध माँझी पिता दिरजोराम, धनीराम मस्कान पिता वनकुमार, वासुदेव नागेश पिता हिरालाल
,रनसाय नागेश पिता अर्जुन,देवीसिंग माँझी पिता रविलाल, दुलार नागेश पिता मानसिंग, खिरो बाई नागेश पति जेविंद, रायलिंग माँसी पिता गंगाधर, बजरात नेताम पिता गंतुरान, मनधर माँझी पिता वलराम, रामप्रकाश नेताम पिता सुकलसिंह, रायसिंग माँझी पिता शोभाराम, कमलु माँझी पिता कृपाराम, मानसिंग पिता गंगाराम


• भ्रष्टाचार पर उठे सवाल

यह मामला न केवल पंचायत स्तर की लापरवाही दर्शाता है, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन इस प्रकरण को दबाने का प्रयास करता है

• अब ग्रामीणों की निगाहें जिला शासन – प्रशासन पर टिकी हैं  सवाल सिर्फ मजदूरी का नहीं, न्याय और ईमानदारी की है।

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